ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2016 के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किसानों को खेती की नवीनतम तकनीक से जोड़ने की कई योजनाओं का ऐलान किया। इन योजनाओं में सभी पंचायत समिति स्तर पर कृषि उपकरण केन्द्र (कस्टम हायरिंग सेंटर) खोलना, राजस्थान औद्योगिक प्रोत्साहन योजना-2014‘ (रिप्स), कृषि प्रसंस्करण एवं विपणन नीति में नए प्रावधान, कृषि प्रसंस्करण के लिए कन्वर्जन फीस में 100 प्रतिषत छूट, हैल्थ केयर सेंटरों और मधुमक्खी पालन में रिप्स के तहत छूट, कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि विपणन प्रोत्साहन नीति-2015 और राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 में बदलाव कर इन्हे लागू करना, कृषि उपज मण्डी अधिनियम 2003 में सुधार कर इन्हे लागू करने जैसी कई योजनाओं का ऐलान किया।

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कस्टम हायरिंग सेंटर से हर किसान को मिलेंगे आसान कृषि उपकरण

मुख्यमंत्री राजे ने हर पंचायत समिति स्तर पर कस्टम हायर केन्द्र खोलने की योजना लागू की है। इस योजना के जरिए किसानों को किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने पर जोर दिया था। अगले तीन सालों में 2,652 ऐसे केन्द्र खोले जाएंगे जिनके माध्यम से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

 कृषि, आयुर्वेद और मेडिकल ट्यूरिज्म के लिए विशेष प्रावधान

मुख्यमंत्री ने राज्य में कृषि, आयुर्वेद और मेडिकल ट्यूरिज्म के क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राजस्थान औद्योगिक प्रोत्साहन योजना-2014‘ (रिप्स) के अंतर्गत विभिन्न अनुदान, लाभ और करों में छूट देने की घोषणा की।

 कृषि प्रसंस्करण के लिए कन्वर्जन फीस में 100 प्रतिशत छूट

राजे ने कृषि प्रसंस्करण एवं विपणन की ऐसी इकाइयों के लिए कन्वर्जन फीस में शत-प्रतिशत छूट की घोषणा की, जिनके प्रोजेक्ट राजस्थान कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि विपणन प्रोत्साहन नीति-2015 के अंतर्गत 31 मार्च, 2019 से पहले स्वीकृत हो जाएंगे।

मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए घोषणा

मुख्यमंत्री ने आयुर्वेदिक पंचकर्म, योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सुविधा उपलब्ध कराने वाले हैल्थ केयर सेंटरों तथा मधुमक्खी पालन के लिए भी रिप्स के तहत लाभ देने की घोषणा की। उन्होंने किसानों और उद्यमियों का आह्वान किया कि वे इन प्रावधानों का लाभ उठाएं, जिससे कृषि और आयुर्वेद के क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े।

कृषि उपज मंडी अधिनियम 2003 मे किए सुधार

श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य में कृषि विपणन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आदर्श कृषि उपज मण्डी अधिनियम 2003 से भी आगे बढ़कर सुधार किए गए हैं। इनमें सीधी खरीद के लिए अनुज्ञापत्र, विशेष अनुज्ञापत्र, निजी मण्डी परिसर, अनुबंधित खेती आदि शामिल हैं।

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 लागू

मुख्यमंत्री ने निवेशकों की सहूलियत के लिए राजस्थान कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि विपणन प्रोत्साहन नीति-2015 और राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2014 लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि अनुबंधित खेती, ई-कॉमर्स, बिना बिचैलिए के सीधी खरीद तथा मण्डी शुल्क आदि क्षेत्रों में भी कृषि विपणन सुधार लागू किए गए हैं।

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