हाल ही में हुए पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय के विधानसभा चुनाव नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश में मोदी लहर का असर अब भी है। इस विधानसभा चुनाव से पहले के विधानसभा चुनाव में पूर्वोत्तर के इन तीन राज्यों में भाजपा के पास नगालैंड में सिर्फ एक सीट थी। भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्यों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए त्रिपुरा में अकेले पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। यानि मात्र 4 चार में भाजपा का पूवोत्तर राज्यों में सूर्योदय हो गया है। पार्टी ने नगालैंड में 11 और मेघालय में 2 सीटों पर जीत दर्ज कर यहां भी गठबंधन की सरकार बनाई है। यानि पूर्वोत्तर के इन तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। देश में अब कुल 22 राज्यों में भाजपा की सरकार है। इन चुनावों के नतीजों का असर राजस्थान की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। साथ ही राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विज़न से प्रदेश में पार्टी अब और मजबूत होती दिख रही है। आइये जानते हैं कि राजस्थान में भाजपा की पकड़ कैसे बढ़ रही है..

मिशन 2018 और 2019 को पूरा करने के लिए सीएम राजे जी-जान से जुटी

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने मिशन प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 और लोकसभा चुनाव 2019 में एक बार फिर से सफलता प्राप्ति के लिए जी-जान से तैयारियों में जुटी हुई हैं। सीएम राजे प्रदेश की जनलोकप्रिय, सभी 36 कौमों की हितैषी और शख़्त राजनीतिक के रूप में पहचान रखती है। लेकिन पार्टी को हालिया राजस्थान उपचुनाव में हार से झटका लगा है। हाल में हुए दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट के ​लिए उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद में पार्टी ने हार के कारणों पर गहरा मंथन भी किया था। जिसके बाद अब मुख्यमंत्री राजे हार के सभी कारणों को दूर ध्यान में रखते हुए आगामी चुनाव में जीत के लिए पूरी ताकत के साथ कारगार रणनीति बना रही है। इसमें वह कामयाब होती भी दिख रही है। सीएम की रणनीति से राजस्थान में तीसरे मार्चे की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री ने आगामी चुनाव के लिए ख़ास रणनीति बनाई है जिसका असर आगामी महीनों में और विधानसभा चुनाव में देखने को मिलने वाला है। Chief Minister’s Vision

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राजपा का भाजपा में कराया विलय, डॉ. किरोड़ीलाल के आने से पार्टी को होगी और मजबूत Chief Minister’s Vision

मुख्यमंत्री राजे ने अपनी रणनीति के तहत अपनों की घर वापसी करवाने का काम शुरू कर दिया है। इसी के तहत सीएम राजे ने हाल ही में राजस्थान के कद्दावर नेता और मीणा समाज के वोटों पर अच्छी पकड़ रखने वाले राजपा पार्टी के अध्यक्ष और लालसोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की भाजपा में वापसी करवाई है। उनके साथ ही राजपा विधायक और डॉ. मीणा की पत्नी गोलमा देवी, विधायक गीता देवी भी भाजपा में शामिल हो गई है। इनके अलावा राजपा के पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। इससे पार्टी को बड़ी मजबूती मिली है। बता दें, डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पिछली वसुंधरा सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं। इसके बाद 2008 में आई गहलोत सरकार में किरोड़ी सीधे तो शामिल नहीं हुए लेकिन उनकी पत्नी गोलमा को मंत्री बन गईं। इसके बाद से भाजपा और किरोड़ी के संबंधों में खटास आ गई थी। Chief Minister’s Vision

प्रदेश में 200 विधानसभा सीटों में से एनपीपी यानि राजपा के चार विधायक हैं। इसमें किरोड़ीलाल लालसोट से, उनकी पत्नी गोलमा देवी राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से, गीता वर्मा सिकराय से और आमेर से नवीन पिलानिया हैं। हालांकि, पिलानिया भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा कद्दावर जातीय नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। वे पांच बार विधायक और एक बार सांसद भी रह चुके हैं। भाजपा अब डॉ. मीणा को राजस्थान से राज्ससभा भेज रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि प्रदेश सरकार मंत्रीमंडल में फेरबदल कर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की पत्नी और विधायक गोलमा देवी एवं विधायक गीता देवी को मंत्री बना सकती है। Chief Minister’s Vision

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