राजस्थान में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। प्रदेश में जल्द ही लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट पर उपचुनाव होने हैं। वर्ष 2018 राजस्थान की राजनीति के लिए बहुत खास होगा। इसी माह के अंत में राजस्थान में उपचुनाव होने जा रहे हैं। इसके बाद इसी साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों पर चुनाव होने हैं। राजस्थान की दोनों ही प्रमुख पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के लिए उपचुनाव नाक का सवाल है। दोनों ही दल चुनाव प्रचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहेंगे। मतदाताओं को अपनी ओर रिझाने के लिए दोनों ही पार्टियां हरसंभव प्रयास करेगी। हाल ही दोनों ही पार्टियों ने अपने—अपने प्रत्याशियों की घो​षणा कर दी है। आइये जानते है कि राजस्थान की दो लोकसभा सीटों पर बीजेपी ने किसे अपना उम्मीदवार बनाया है और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या हैं… rajasthan election

बीजेपी ने अलवर से वर्तमान राजस्थान सरकार में मंत्री को बनाया प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी ने अलवर लोकसभा सीट से वर्तमान वसुंधरा राजे सरकार में श्रम मंत्री डॉ. जसवंत सिंह यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है। अलवर लोकसभा सीट 2014 में हुए आमचुनाव में बीजेपी के टिकट पर सांसद बने महंत चांदनाथ के निधन से खाली हो गई थी। बीजेपी के प्रत्याशी डॉ. जसवंत सिंह यादव का जन्म अलवर जिले के कोटकासिम में 5 अगस्त, 1953 को हुआ। इन्होंने शिक्षा में दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएएमएस स्नातक किया है। डॉ. जसवंत 11वीं, 13वीं और 14वीं विधानसभा के लिए हुए चुनावों में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं। डॉ. जसवंत 1999—2004 तक अलवर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। उनके सामने पूर्व सांसद और कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. करण सिंह यादव है। rajasthan election

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अजमेर लोकसभा सीट से बीजेपी ने इन्हें बनाया है अपना उम्मीदवार rajasthan election

बीजेपी ने अजमेर लोकसभा सीट से रामस्वरूप लांबा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। लांबा के लिए राजनीति की शुरूआत होगी। रामस्वरूप लांबा पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांवरलाल जाट के पुत्र हैं। कुछ समय पहले पूर्व मंत्री सांवरलाल जाट की अचानक तबीयत खराब होने से निधन हो गया था जिसके बाद से ही अजमेर लोकसभा सीट खाली है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि उसे सहानुभूति का फायदा मिल सकता है। इसी वजह से जाट के बेटे रामस्वरूप लांबा को टिकट देने का निर्णय किया है। दूसरा कारण यह भी है कि अजमेर में करीब 2.50 लाख जाट वोटर है। जिससे जातिगत वोटों का फायदा बीजेपी को मिलना तय है। हालांकि, रामस्वरूप लांबा को राजनीति में कोई लंबा अनुभव नहीं है। वे हमेशा पिता के साथ ही चुनाव प्रचार में शामिल रहे हैं।

29 जनवरी को होगी वोटिंग, 1 फरवरी को आएगा उपचुनावों का परिणाम

राजस्थान में कुल तीन सीटों पर उपचुनाव होना है। अजमेर और अलवर लोकसभा तथा मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर इसी माह 29 जनवरी को वोटिंग होगी। इन उपचुनाव का परिणाम 1 फरवरी को आएगा। अलवर लोकसभा क्षेत्र में करीब 18 लाख, 18 हजार, 234 मतदाता है, और अजमेर लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 17 लाख, 97 हजार, 513 है। मांडलगढ़ में वोटरों की संख्या 2 लाख 29 हजार है। इन उपचुनावों में अजमेर में 1907, अलवर में 1971 और मांडलगढ़ में 280 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। rajasthan election

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