महिला से दुष्कर्म के मामले में सवा तीन साल से जेल में बंद पूर्व काग्रेस सरकार के मंत्री बाबूलाल नागर को लेकर अदालत आज फैसला सुनाएगी। इस प्रकरण में पांचवें जज के रूप में एडीजे कोर्ट-2 जयपुर महानगर के जज प्रहलाद राय शर्मा की अदालत में यह फैसला होगा। इससे पूर्व जिला न्यायालय के चार न्यायाधीश इस मामले में सुनवाई कर चुके हैं।

जिला न्यायालय में सुनवाई के बाद आखिर में मामला एडीजे कोर्ट में स्थानांतरित हो गया था। जहां कोर्ट ने 17 जनवरी को सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाने के लिए 30 जनवरी की तारीख तय की थी।

सरकारी आवास पर दुष्कर्म करने का आरोप

नागर के खिलाफ सरकारी आवास में महिला ने बलात्कार और मारपीट करने का मुकदमा कोर्ट के जरिए दर्ज करवाया था। 13 सितंबर 2013 को नागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। महिला ने आरोप लगाए थे कि नागर ने 11 सितंबर 2013 को अपने सरकारी आवास पर उसके परिचित को नौकरी लगाने के बहाने बुलाया था और वहां उससे जबरन बलात्कार किया। विधायक होने के कारण मामले की जांच सीआईडीसीबी को दी गई। लेकिन बाद में सरकार ने मामला सीबीआई को भेज दिया।

सीबीआई ने पेश किया चालान

9 अक्टूबर 2013 से सीबीआई ने जांच शुरू की। करीब 15 दिन की पूछताछ के बाद 25 अक्टूबर 2013 को नागर को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई ने 9 दिसंबर 2013 को चालान पेश कर दिया था। आरोप के बाद नागर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस ने भी उन्हें पार्टी से निकाल दिया था।

नागर की ओर से मामले की बहस करने वाले अधिवक्ता पुरुषोत्तम बनवाड़ा ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से सीबीआई ने 19 गवाहों के बयान करवाए जबकि बचाव पक्ष की ओर से 13 गवाहों के बयान हुए।

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