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अभी कुछ दिन पहले पुलिस एनकाउंटर में मारे गए राजस्थान के मोस्ट वांटेड कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह पर दर्ज़ केस और उसकी संपत्ति-जायदाद के बारे में राजस्थान पुलिस ने कई खुलासे किये है। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर बताया कि राजस्थान के अनेकों ज़िलों में आनंदपाल के नाम से ज़मीन रजिस्टर है। इन दिनों एक ओर जहाँ पुलिस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर परिजनों ने पांचवें दिन भी आनंदपाल की लाश नहीं उठाई है। साथ ही जातिवाद के आधार पर कई राजपूत संगठन सरकार और पुलिस की कार्यवाही का विरोध कर रहे है। वहीँ इन्हीं सब मामलों के बीच राजस्थान पुलिस ने आनंदपाल और उसके भाइयों पर दर्ज विभिन्न आपराधिक केसों अौर उसकी अकूत प्रॉपर्टी के बारे में कई खुलासे किए हैं।

बेटा और बेटियां कर रहें है महंगे स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई:

कइयों को मौत के घात उतार देने वाले इस गैंगस्टर के पास किसी तरह की कोई कमी नहीं थी। भरे-पूरे परिवार में माँ, पत्नी सहित दो बेटियां और एक एक बेटा है। परिवार में सीधे तौर पर कमाने वाला कोई नहीं था। फिर भी इस परिवार के हमेशा ठाठ रहें। गैंगस्टर आनंदपाल की बड़ी बेटी चीनू जहाँ दुबई में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। वहीं छोटी लड़की योगिता महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक महंगे स्कूल में पढ़ रही है। पुणे में पड़ने वाली योगिता को शूटिंग अाैर फायरिंग जैसे ख़र्चीलें खेल में भी काफी दिलचस्पी रखती है। आनंदपाल का एक छोटा लड़का भी है। वह भी अच्छे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ रहा है।

जयपुर सहित राज्य के कई ज़िलों में है बेहिसाब संपत्ति:

इस खूंखार बदमाश और अपराधी के पास आज भी बेहिसाब संपत्ति का भण्डार है। अपनी करीब 370 बीघा जमीन आनंदपाल द्वारा पहले ही सरेंडर की जा चुकी थी व पुलिस द्वारा कुर्क की जा चुकी है। बावजूद इसके आनंदपाल के नाम राज्य के कई ज़िलों के गाँव और शहरों में बेनामी संपत्ति की भरमार है। पुलिस के अनुसार राज्य के कुचामन, हनुमानगढ़, सीकर और चूरू में आनंदपाल के परिवार की स्थाई जमीन-जायदाद है। मकराना और बिजोलिया क्षेत्र में इनकी ख़निज की खाने हैं। राजधानी जयपुर के रिहायशी इलाकों में 60-60 लाख रूपए से ज्यादा की कीमत के 2 -बीएचके के दो फ्लैट आनंदपाल के नाम से है। पुलिस के अनुसार इन सबके अलावा आनंदपाल के नाम और भी बेनामी प्रॉपर्टीज है।

तीन दर्ज़न से भी ज़्यादा आपराधिक मुक़दमे दर्ज़:

अपनी जांच रिपोर्ट और पहले के रिकार्ड्स को खगालने के बाद पुलिस ने कहा कि आनंदपाल को सही  और मसीहा समझने वाले लोगों को यह पता होना चाहिए कि साल 1992 से लेकर 2017 तक आनंदपाल सिंह के खिलाफ कुल 37 आपराधिक मुकदमे दर्ज़ हुए हैं। इनमें हत्या के छह मुक़दमे, हत्या की कोशिश करने के आठ और इनके अलावा लूट, डकैती, फिरौती सहित अपहरण के भी मुकदमे दर्ज़ है। राज्य पुलिस की क्राइम ब्रांच के ADG की ओर से जारी ब्रीफ में बताया गया है कि आनंदपाल के दो भाई मनजीत सिंह और विक्की सिंह पर भी हत्या समेत कई केस दर्ज़ है।

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