अखिलेश यादव यूपी में भले ही विकास रथ यात्रा निकाल रहे हों या मुलायम सिंह लखनऊमें रजत जयंती समारोह कर रहे हों, लेकिन यूपी के सीएम की हैसियत से अखिलेश यादव को आशंका है कि समाजवादी पार्टी का सब कुछ बिगड़ जाएगा। पांच नवंबर को पार्टी के रजत जयंती समारोह में अखिलेश ने कहा कि राम मनोहर लोहिया कहते थे कि मेरे मरने के बाद लोगों को समाजवाद समझ में आएगा। मेरा भी यह मानना है कि समाजवादी पार्टी का सब कुछ बिगडऩे के बाद मेरी बात समझ में आएगी। अखिलेश ने यह बात तीखे अंदाज में तब कही, जब उनके चाचा शिवपाल यादव ने अपने भाषण में कहा कि कुछ लोगों को सत्ता विरासत में मिल जाती है और कुछ लोग मेहनत करने के बाद प्राप्त करते हैं। अखिलेश यादव की ओर साफ इशारा करते हुए चाचा ने कहा कि कुछ लोग चापलूसी कर सत्ता का मजा ले रहे हंै। मुझे चाहे कितना ही अपमानित किया जाए या फिर मंत्रीमंडल से बर्खास्त किया जाए, पर मैं समाजवादी पार्टी का साथ नहीं छोडूंगा। पांच नवंबर को जिस तरह चाचा भतीजे भिड़े, उससे रजत जयंती का सारा जश्न गाफूर हो गया। हद तो तब हो गई जब राज्यमंत्री जावेद आब्दी को शिवपाल ने धक्का देकर माईक से दूर कर दिया। आब्दी अपने भाषण में अखिलेश यादव की प्रशंसा कर रहे थे। यह बात शिवपाल को अच्छी नहीं लगी, उन्होंने आब्दी को धक्का देकर बोलने नहीं दिया।

नहीं आए कोई सीएम

सपा के समारोह में भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनने के जोरदार भाषण हुए, लेकिन इस समारोह में नितिश कुमार, ममता बैनर्जी, नवीन पटनायक जैसे मुख्यमंत्री नहीं आए। अलबत्ता एच डी देवगौड़ा, शरद यादव, लालू प्रसाद यादव, अभय चौटाला जैसे राजनेता उपस्थित रहे।

आजम खान की सक्रियता भी नहीं दिखी

सपा के रजत जयंती समारोह में यूपी के ताकतवर मंत्री आजम खान की सक्रियता भी देखने को नहीं मिली। आजम खान मुलायम सिंह का जन्मदिन उत्साह के साथ मनाते रहे हैं, लेकिन पार्टी के समारोह में आजम खान का मंच से कोई भाषण नहीं हुआ। इन दिनों मुलायम सिंह के कुनबे में जो झगड़ा चल रहा है, उसमें आजम खान अखिलेश यादव के पीछे खड़े हैं।

(एस.पी.मित्तल)

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