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शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ बैठक में अजमेर सांसद सांवरलाल जाट को कार्डियक अरेस्ट आने के बाद एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार और सोमवार को जाट के स्वास्थ्य से संबंधित अस्पताल प्रशासन की और से करीब पांच स्वास्थ्य बुलेटिन जारी किए गए और जाट के वर्तमान स्वास्थ्य की जानकारी दी गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जाट को कार्डियक अरेस्ट के बाद मस्तिषक डेमेज की संभावना जताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अब सांसद की हालत स्थिर है उन्हे आईसीयू से बाहर निकाल लिया गया है लेकिन अभी भी हालात नाजुक है। आपको बतादें कि सांसद सांवरलाल जाट काफी समय से बीमार रहते थे और उनकी दोनों किडनियां खराब है जिसके चलते वे अक्सर बीमार हो जाते है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सांसद सांवरलाल जाट की तबीयत की खुद निगरानी कर रही है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम जाट की देखभाल के लिए गठित की गई है।

अस्पताल प्रशासन की और से 5 मेडिकल बुलेटिन जारी

सांसद सांवरलाल जाट के स्वास्थ्य से संबंधित सवाई मानसिंह अस्पताल प्रशासन की और से 5 बार मेडिकल बुलेटिन जारी किए जा चुके है। पहली बार सांसद को अस्पताल में भर्ती करने के बाद शाम को उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया था जिसमे डॉक्टर्स ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है और डॉक्टर्स की टीम की मेहनत से उनकी जान बचाई गई है। रविवार और सोमवार को भी अस्पताल प्रशासन ने 4 मेडिकल बुलेटिन जारी किए और उनके स्वास्थ्य की जानकारी दी। हालांकि अभी जाट की स्थिति नाजुक है और उन्हे वेंटिलेटर पर रखा गया है। जाट की पल्स रेट नॉर्मल है और हार्ट बीट भी ठीक से चल रही है। डॉक्टर्स का कहना है कि जाट के स्वास्थ्य पर लगातार डॉक्टरों की टीम नज़र बनाए हुए है। अगर जरूरत पड़ी तो जाट को दिल्ली भी शिफ्ट किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद कर रही है जाट के स्वास्थ्य की निगरानी

बैठक में अजमेर सांसद सांवरलाल जाट की तबीयत खराब होने के बाद मुख्यमंत्री राजे ने खुद अस्पताल जाकर सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ और मेडिकल टीम गठित की गई ताकि जाट के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके। मुख्यमंत्री राजे रविवार को भी सवाई मानसिंह अस्पताल जाकर जाट से स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वे लगातार फोन और अन्य जरियों से जाट के स्वास्थ्य पर नजर बनाएं हुए है। शनिवार को उन्होने बताया कि अगर सांसद को दिल्ली भी शिफ्ट किया जाता है तो सराकर कोताही नही बरतेगी।

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