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राजस्थान सरकार का नेतृत्व करने वाली मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश को एक नई दिया दी है। आज राजस्थान के चर्चे देश के हर कोने में हो रहे हे तो इसकी वजह है मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का दूरदर्शी विजन और पारदर्शी सोच। राजस्थान को देश के पिछड़े राज्य से देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री राजे ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं है जिनकी कॉपी देश के अन्य राज्य भी कर रहे है। शिक्षा क्षेत्र में आज राजस्थान का डंका पूरे देश में बजता है। यहां के बच्चे देश के हर एग्जाम में टॉप करते है और प्रदेश को नई पहचान देते है। मुख्यमंत्री राजे ने कई योजनाओं के दम पर देश में राजस्थान का गौरव बढ़ाने वाले बच्चों को निखारने का काम किया है जिसकी केंद्र सरकार भी सराहना करती नही थकती। हाल ही में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकार जावड़ेकर ने सभी राज्यों को शिक्षा क्षेत्र में राजस्थान का मॉडल अपनाने की सलाह दी है।

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने की राज्य की सराहना

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सभी राज्यों को शित्रा के सत्र में नवाचार और गुणात्मक सुधार के लिए राजस्थआन मॉड़ल को अपनाने की सलाह दी है। नई दिल्ली के एनडीएम सी सभागार में राष्ट्रीय शेक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद महासभा की 54वीं बैठक में बोलते हुए जावड़ेकर ने राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए नवाचारों की मुक्त कंठ से सराहना की। बैठक में राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी मौजूद थे। उन्होने केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर के प्रति आभार जताया और कई उपयोगी सुझाव दिए।

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इन मुद्दों पर खिंचा राज्य ने केंद्र का ध्यान

जावड़ेकर ने राज्य की सभी 9985 ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत शिक्षा अधिकारी नियुक्त करने, सभी ग्राम पंचायतों में सीनियर सैकेंडरी स्कूल खोलने, 18 हजार स्कूलों को छात्र टीचर अनुपात में मर्ज करने, स्टाफिंग पैटर्न को भी उसी अनुपात में लगाए जाने, बी.एड टीचर्स की ट्रैनिंग को सरकार स्कूल्स में अनिवार्य बनाने, प्री प्राइमरी स्कूलों के साथ 13 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को जोड़ने, सरकारी स्कूलों में पैरेंट टीचर मीटिंग्स की परंपरा शुरु करने आदि नवाचारों के लिए राजस्थान की प्रशंसा की।

प्रशिक्षण का मॉड्यूल तैयार करने का दिया सुझाव

बैठक में राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने एनसीईआरटी को राजस्थान की तरह टीचर्स के लिए आवासीय प्रशिक्षण शिविर का मॉड्यूल तैयार करवाने का सुझाव दिया। इसी प्रकार पाठ्यक्रमों में भी राजस्थान की तरह प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान, कौशल विकास, जल स्वावलंबन आदि कार्यकर्मों को जोड़ने की सलाह दी।

12 लाख बच्चों का बढ़ा नामांकन, पेरेन्ट्स का झुकाव सरकारी स्कूलों की ओर

उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में राजस्थान में सरकारी स्कूलों में 12 लाख से भी अधिक बच्चो का नामांकन बढ़ा है और इस वर्ष करीब 7 लाख और बच्चों का नामांकन होने की उम्मीद है। इसी प्रकार 12वी के परीक्षा परिणाम 93.3 प्रतिशत  और सेकेंडरी स्कूल के परिणामो में16.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने से अभिभावकों का झुकाव सरकारी स्कूलों की और बढ़ रहा है । प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में एक से 12 वीं कक्षा के लिए आदर्श स्कूल और एक से 8 वी कक्षा के लिए उत्कृष्ट विद्यालय की व्यवस्था की गई है। प्राथमिक स्कूलों के शाला दर्शन और माध्यमिक विद्यालयों के लिए शाला दर्पण पोर्टल विकसित किये गए है जिसमे 80 लाख विधार्थियो और टीचर्स के नाम, स्कूल, गांव, शहर के नाम कोई भी देख सकता है।

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