मुख्यमंत्री ने जयपुर केन्द्रीय कारागृह परिसर में जेल में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए खोली गई ’आशाएं-द जेल शॉप’ का फीता काट कर उद्घाटन किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री राजे ने इंडिया टुडे द्वारा आयोजित वुमन समिट राजस्थान-2017 को भी सम्बोधित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि महिलाओं को लेकर समाज में पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है लेकिन उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचाने एवं मंजिल चुनकर उसे हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

आशाएं-द जेल शॉप का किया उद्धाटन

मुख्यमंत्री ने बंदियों द्वारा निर्मित सजावटी एवं फूलदार दरियों, आसन, रजाइयों, बैडकवर, वस्त्र, मसाले, अचार, कैरी बैग्स, कुशन एवं केन्द्रीय कारागृह चित्रशाला में बंदियों द्वारा बनाई गई पेन्टिंग्स का अवलोकन किया और इनकी सराहना की। उन्होंने बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों की डिजाइन, गुणवत्ता एवं बारीकी की सराहना की। उन्होंने जेल परिसर में पूर्णतया जैविक पद्धति से उगाई गई फल एवं सब्जियों को भी देखा। उन्होंने जेल शॉप के बाहर वॉल पेंटिंग करने वाले देवकिशन एवं अन्य बंदियों के हुनर को सराहा और उनका उत्साह बढ़ाया।

जेल उत्पाद है बिक्री के लिए तैयार

उल्लेखनीय है कि बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के डिजाईन एवं उत्पादन में टेक्सटाईल क्षेत्र के विशेषज्ञ मार्तण्ड सिंह एवं एनआईडी अहमदाबाद के रिटायर्ड शिक्षकों, चित्रकार यशवंत श्रीवास्तव ने अहम योगदान दिया है। जयपुर जेल परिसर में पिछले एक वर्ष में 130 क्विंटल सब्जियों का उत्पादन कर इन्हें बंदियों के मेस में उपलब्ध कराया गया है। अब ये सब्जियां आशाएं विक्रय केन्द्र पर भी उपलब्ध होंगी।

इंडिया टुडे वुमन समिट राजस्थान-2017

मुख्यमंत्री राजे ने इंडिया टुडे द्वारा आयोजित वुमन समिट राजस्थान-2017 को सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं को लेकर पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है और जरूरत इस बात की है कि महिलाएं अपनी प्रतिभा को पहचाने और अपनी मंजिल चुनकर उसे हासिल करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि आज कोई भी क्षेत्र हो , नारी-शक्ति पीछे नहीं हैं। महिलाएं अपनी प्रतिभा के बल पर व्यवसाय से लेकर राजनीति और पुलिस सेवा से लेकर इंजीनियभरग तक हर क्षेत्र में अलग मुकाम हासिल कर रही हैं।

महिलाओं को बराबरी के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से सक्षम एवं सशक्त बनाकर उन्हें बराबरी के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहियोगिनी और एएनएम को एक साथ लाने की जो पहल की है उसे महाराष्ट्र में भी लागू किया जा रहा है।

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