केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के कोबरा बटालियन के 59 ट्रेनी जवान श्रीनगर से अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जम्मू-सियालदाह एक्सप्रेस ट्रेन से तैनाती के लिए चले लेकिन रास्ते से गायब हो गए, जिसको लेकर पूरे देश में समसनी फैल गई। ये लोग अभी तक वहां नहीं पहुंच सके हैं। चारो ओर इस बात को लेकर खलबली मची है कि आखिर इतने जवान कहां चले गए। इन जवानों को बिहार के नक्सल प्रभावित इलाके में अपनी पहली पोस्टिंग पर जाना था। लेकिन बीच रास्ते से यूँ गायब हो जाने से पूरे देश सकते में है।

59 जवानों के ‘लापता’ होने का सच आया सामने

लेकिन, इस जवानों के गायब होने के पीछे कि सच्चाई भी सामने आ गई है। दरअसल, सीआरपीएफ के मुताबिक इन जवानों को 6 महीने की ट्रेनिंग के लिए श्रीनगर भेजा गया था इसके बाद इन्हें 29 जनवरी को बिहार में गया के सीआरपीएफ कैंप में तैनात होना था। ट्रेनिंग खत्म होते ही ये जवान श्रीनगर से गया जाने के लिए सियालदह एक्सप्रेस में बैठकर मुगलसराय के लिए निकले। लेकिन, गाड़ी मुगलसराय पहुंची तो इन्होंने बिना किसी को बताए घर जाने का फैसला कर लिया और वहीं मुगलसराय पर उतर गए। जैसे ही इस मामले की जानकारी सीआरपीएफ को पता चली तो हर जगह हड़कंप मच गया कि सभी जवान अचानक कहां गायब हो गए।

कोबरा कमांडोज को सताई घर की याद

सीआरपीएफ ने इस मामले को ज्यादा तूल न देते हुए कहा की, श्रीनगर स्थित ट्रेनिंग सेंटर में अपनी ट्रेनिंग खत्म कर ये कर्मी अपनी यूनिट वापस लौट रहे थे। इनका 5 फरवरी को सियालदह एक्सप्रेस में जम्मू से गया के लिए रिजर्वेशन था। खराब मौसम और रोड बंद होने की वजह से इन्हें 1 फरवरी को जम्मू भेज दिया गया। इन्होंने तय समय से पहले ही 2 फरवरी को लौटने के लिए ट्रेन लेने का फैसला किया। क्योंकि, वे समय से पहले लौट रहे थे इसलिए किसी आला अधिकारी को बिना बताए ही शनिवार और रविवार को अपने घर जाने का फैसला किया। इन कर्मियों ने अनुशासनहीनता की है इलसिए इनसे विभागीय तरीके से निपटा जाएगा।

 

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