विद्यार्थी मित्र को अब राज्य सरकार मल्टी टास्क वर्किंग के पदों पर भर्ती करने की तैयारी कर रही है। राज्य में लगभग 24 हजार विद्यार्थी मित्रों को नौकरी देने के लिए 27 हजार पद सृजित किए जायेंगे। यह भर्ती ग्राम पंचायत स्तर पर साक्षात्कार के माध्यम से की जाएगी। इनके वेतन से करीबन 200 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा, किन्तु ये राशि राज्य सरकार नहीं देगी। ग्राम पंचायतों को केन्द्र व राज्य वित्त आयोग से विकास कार्यों के लिए जो राशि प्राप्त होगी उसी से ही खर्च की जाएगी। हफ्तेभर पहले ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के पश्चात वित्त विभाग को भेजा गया है।

जानकारी के अनुसार विद्यार्थी मित्रों को समायोजित करने की ये पूरी कवायद एक माह से भी कम समय में पूरी हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से इसकी सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है। अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के हिस्से में आने वाले भार को भी ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के ऊपर डाल दिया है। विकास के पैसे को वेतन पर खर्च किया जाएगा। राज्य में लगभग 9894 ग्राम पंचायतें हैं। हालांकि अभी करीब 15 हजार ग्राम सेवक व अन्य कर्मचारी नियुक्त हुए हैं। किन्तु अब 27 हजार कार्मिक लगाने की योजना तैयार करी गई है। इनकी नियुक्ति फिलहाल अभी एक साल के लिए होगी। इसके बाद कार्यकाल बढ़ाने पर विचार किया जायेगा।

भाजपा के पिछले शासन में स्कूलों में अध्यापकों की कमी को नज़र में रखते हुए विद्यार्थी मित्र भर्ती किए गए थे। बाद में इन्हें स्थायी करने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई, किन्तु कानूनी अड़चनों के चलते हुए वर्ष 2013 में इन्हें बाहर कर निकाल दिया गया। वही भाजपा के चुनावी वादे के बावजूद नौकरी नहीं मिलने की वजह से विद्यार्थी मित्र आंदोलन कर रहे हैं। जिलों के दौरे में भी मंत्रियों को भी इनके विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उधर, विपक्ष भी विद्यार्थी मित्रों के साथ मिलकर वादा खिलाफी करने के आरोप लगा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार इनको नौकरी में लेने की तैयारी कर रही है।

इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर चार मंत्रियों की कमेटी मंथन में जुटी हुई है। अब तक दो मीटिंग हो चुकी हैं। जिसमे पंचायत शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी राज मंत्री सुरेन्द्र गोयल, परिवहन मंत्री यूनुस खान और जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी शामिल हुए। पहले चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को भी शामिल किया गया था, किन्तु अब उनकी जगह पर माहेश्वरी को लिया गया है।

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