राज्य सरकार अन्नपूर्णा योजना के तहत प्रदेश के 12 शहरों में रोजाना 80 वाहनों की मदद से 24 हजार लोगों तक सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का खाना पहुंचाएंगे। यह व्यवस्था राज्य सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर 13 दिसंबर से शुरू होगी। इसमें नाश्ता 5 रुपए और खाना 8 रुपए में मिलेगा। स्वायत्त शासन विभाग  का दावा है कि पहले चरण में 12 शहर और बाद में अन्य शहरों को जोड़ा जाएगा।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खाना परोसने के लिए टेण्डर के जरिए निजी क्षेत्र के लोगों का चयन किया जा रहा है। इनका कहना है कि राज्य सरकार को नाश्ते व भोजन की लागत 15 व 20 रुपए आएगी, जबकि जनता को 5 व 8 रुपए में उपलब्ध कराया जाएगा। नागरिकों को भोजन पौष्टिक मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पांच साल की बनाई योजना  

गरीबों का नाश्ता और भोजन कराने के लिए स्वायत्त शासन विभाग ने पांच साल की योजना तैयार की है। इसके तहत पहले साल 2016-17 में 5.35 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 2.30 करोड़ की राशि भोजन शुल्क के रूप में वसूली जाएगी और 3.04 करोड़ रुपए सरकार वहन करेगी। इसके बाद आगामी वित्त वर्ष 2017-18 में 19.27 करोड़, वर्ष 2018-19 में 23.12 करोड़, वर्ष 2019-20 में 27.75 करोड़ और वर्ष 2020-21 में 33.30 करोड़ रुपए के खर्चे की योजना तैयार की गई है।

ये रहेगा ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर का समय 

ब्रेक फास्ट – प्रात: 8 से 11.30 बजे तक

लंच – प्रात: 11.30 से दोपहर 2.30 बजे तक

डिनर – शाम 7 से 9.30 रात्रि बजे तक

कहां कितने वाहन परोसेंगे खाना 

जयपुर          25

जोधपुर          5

कोटा           10

अजमेर          5

बीकानेर         5

उदयपुर         5

भरतपुर         5

बांरा             3

बांसवाड़ा        4

डूंगरपुर          4

प्रतापगढ़         3

झालावाड़        6

ऐसे मिलेगा लाभ

एक वाहन 100 जनों के खाने के व्यवस्था रहेगी।  वाहन ऐसे स्थान पर भोजन परोसेंगे, जहां मजदूर व अन्य गरीबोग ज्यादा आते-जाते हों।

होगी चलती-फिरती रसोई

इस वाहन को रसोई की तर्ज पर डिजायन किया जाएगा। इसको स्वायत्त शासन निदेशालय अनुमोदित करेगा। इसमें फ्रिज, गैस स्टोव, हॉट प्लेट, वॉशबेसिन, खाना परोसने, गर्म करने के बर्तन, चिमनी, जनरेटर, सहित अन्य कई सुविधाएं होंगी।

 

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