नागरिक आपूर्ति एवं खाद्य विभाग ने पिछले 8 माह में प्रदेश के 13.23 लाख फर्जी राशन कार्ड धारकों का पता लगाकर उनके राशन कार्ड निरस्त किए है। इसके अलावा विभाग ने राशन कार्ड से वंचित परिवारों के कार्ड बनवाए हैं।

राजस्थान सरकार द्वारा फर्जी राशन कार्ड निरस्त करने का कार्य बहुत कम समय में किया हैं इसके लिए केंद्र सरकार ने वसुंधरा सरकार की तारीफ की हैं।

नागरिक आपूर्ति एंव खाद्य विभाग ने जिस तकनीक से फर्जी कार्ड पकड़े हैं वह तकनीक असरदार रही। विभाग द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर में पैन कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट जैसे यूनिक नंबरों के रिपीट होने की जानकारी सामने आयी थी जिसके बेस पर इन कार्डों का फर्जी होना पाया गया।

सॉफ्टवेयर द्वारा कार्ड फर्जी होने की जानकारी मिलने पर प्रदेश भर में 436 अधिकारियों की टीम गठित की गई । इस टीम ने फर्जी राशन कार्ड धारकों को बेनकाब किया हैं।  नागरिक आपूर्ति एंव खाद्य विभाग को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन किया गया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पूरे सिस्टम को पारदर्शी बनाकर नया मुकाम दिया हैं। इससे राशन को लेकर होने वाले उठाव की जानकारी ऑनलाइन रहती हैं।

प्रदेश में अभी तक दो करोड़ डिजिटल राशनकार्ड बन चुके हैं इनमें से 13.23 लाख कार्ड फर्जी थे जिनको विभाग ने निरस्त कर दिया है। विभाग ने पिछले एक साल में 30 लाख नए राशन कार्ड बनवाए हैं।

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