मंगलवार मध्यरात्रि से केंद्र सरकार द्वारा 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को अवैध करने के लिए बड़ा कदम उठाया हैं। मोद्रिक अधिकारी 1,000 और 500 के नोट अवैध करने के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण अधिक मूल्य के जाली नोटों का बढ़ना और व्यवस्था में अधिक कालाधन का होना बता रहे है। लेकिन आरबीआई ने जनता को यह आश्वासन भी दिया कि एक व्यक्ति जितने अधिक मूल्य की नकदी बदलता है, उसे उतने ही मूल्य के नोट अधिक मात्रा में मिलेंगे। यानि अब 500 रुपये के एक नोट के बदले उसे 100-100 रुपये के पांच नोट मिलेंगे।

सरकार के इस कदम से एक व्यक्ति को नकदी में 4,000 रुपये तक ही मिलेंगे और इससे ऊपर की रकम उसके खाते में जमा कर दिए जाएंगे।

अब एक खाताधारक अपनी पूरी रकम नकदी में नहीं पा सकता। पुराने नोटों को आरबीआई के 19 कार्यालयों में से किसी पर भी और किसी बैंक शाखा या किसी प्रधान डाक घर या उप डाक घर में बदले जा सकते हैं।

जिन्हें 4,000 रुपये से अधिक की नकदी की जरूरत है, वह चेक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों जैसे ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, आईएमपीएस, क्रेडिट, डेबिट कार्ड आदि के जरिए इसका भुगतान कर सकता है।

जिनके पास कोई बैंक खाता नहीं है, वे आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों के साथ एक खाता खोल सकते हैं।

जिस व्यक्ति के पास अपना खुद का निजी खाता नहीं है, वह रिश्तेदार या मित्र के खाते के जरिए नोटों को बदलने की सुविधा ले सकता है, बशर्तें उसे लिखित अनुमति लेनी होगी और नोट बदलते समय उसे खाताधारक द्वारा दी गई अनुमति का प्रमाण और अपना वैध पहचान प्रमाण उपलब्ध कराना होगा।

एटीएम से नकदी निकासी में थोड़ा समय लगेगा। बैंकों को एटीएम में नए नोट डालने में थोड़ा समय लगेगा। व्यक्ति 18 नवंबर तक 2,000 रुपये प्रति कार्ड प्रति दिन निकाल सकता है। इसके बाद यह सीमा बढ़ाकर प्रतिदिन प्रति कार्ड 4,000 रुपये कर दी जाएगी।

इसी तरह, चेक, निकासी पर्चियों के जरिए नकदी निकास में एक दिन में 10,000 रुपये निकासी की सीमा है और एक सप्ताह में 20,000 रुपये निकासी (एटीएम से निकासी सहित) की सीमा है। यह सीमा पहले पखवाड़े से 24 नवंबर तक है।

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