vasundhara-raje

देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इजरायल के दौरे पर है। प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा का आज आखिरी दिन है। प्रधानमंत्री मोदी इजरायल से देश के किसान और खेती से जुड़ी कई सौगातें साथ ला सकते है, जिनका कुछ हद तक राजस्थान को भी लाभ मिलेगा। यह पहली बार जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री इजरायल की यात्रा पर गया हो। भारत इजरायल के संबंधों पर चर्चा करने से पहले राजस्थान-इजरायल के संबंधों पर चर्चा करें तो शायद बेहतर होगा। आज से करीब एक दशक पहले राजस्थान की विजनरी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इजरायल की यात्रा साल 2006 में की थी। यह मुख्यमंत्री राजे का पहला कार्यकाल था। मुख्यमंत्री राजे ने इजरायल यात्रा पर जाने के बाद राजस्थान के किसानों की किस्मत को बदलने का काम किया जिसका नतीजा आज राजस्थान का अन्नदाता देख रहा है। 2006 में मुख्यमंत्री राजे ने इजरायल की यात्रा कर राजस्थान के किसानों को ड्रिप इरिगेशना यानी बूंद-बूंद सिंचाई तकनीक के बारे में बताया साथ ही रेगिस्थान में जैतून और खजूर जैसी खेती की तकनीक लाकर राज्य के अन्नदाताओं की जिंदगी को खुशहाल बनाने का काम किया।

farmers

मुख्यमंत्री राजे के एक फैसले ने बदली हमारे अन्नदाताओं की तकदीर

एक दशक पहले जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इजरायल यात्रा की तो वहां जाकर मुख्यमंत्री राजे ने वहां पर खड़े ऑलिव और खजूर के प्लांट देखे तो राजे को मरुधरा का हजारों किलोमीटर मे फैला रेगिस्तान याद आ गया । इसके बाद मुख्यमंत्री राजे ने तय किया कि राजस्थान के रेगिस्तान को भी इजरायल के सहयोग से हरा-भरा किया जा सकता है। इजरायल की तकनीकों से राजस्थान के अन्नदाता और रेतीले धोरों की उपज बढ़ेगी। यह मुख्यमंत्री राजे के विजन का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में इजरायल की मदद से वर्तमान जयुपर, कोटा और जैसलमेर में तीन केंद्र चल रहे है। राजस्थान मे नींबू, अनार और खजूर के उत्पादन अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी  का श्रेय भी इजरायल को जाता है। इजरायल की तकनीक को अपनाकर राज्य के किसान आर्थिक रुप से समृद्ध बन सके इसके लिए मुख्यमंत्री राजे ने प्रदेश के 1000 चयनित प्रगतिशील किसानों को इजरायल की यात्रा भी करवाई और वहां अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रशिक्षण दिलवाया गया। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री राजे प्रदेश के कुछ अन्य प्रगतिशील किसानों को इजरायल में प्रशिक्षण लेने के लिए भेज सकती है।

बूंद-बूंद प्रणाली से सिंचाई करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान

मुख्यमंत्री राजे ने राजस्थान की भौगोलिक आवश्यताओं के लिहाज से वहां के विशेषज्ञों से तकनीकी सहयोग लेकर खजूर और जैतून की खेती को प्रदेश में शुरू करने का फैसला लिया। साथ ही मुख्यमंत्री राजे की इजरायल यात्रा के बाद राजस्थान देश का पहला राज्य बना जिसने ड्रिप इरिगेशन( बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति) को अपनाया। सिंचाई की इस प्रणाली से कम पानी में प्रदेश की उपज में वृद्धि हुई। आज दस साल बाद यह कहा जाने लगा है कि राजस्थान खजूर और जैतून में अग्रणी हो गया है। प्रदेश में राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड की स्थापना हो गई है। जैतून की रिफाइयरी भी लग गई है। राजस्थान जैतून के तेल का निर्यात भी करने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के बाद डेयरी, वाटर रिसाइक्लिंग, हॉर्टिकल्चर और फार्मिंग तथा प्रदेश के परम्परागत दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार में इजरायल राजस्थान की मदद कर सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here