सफलता की कहानी : न्याय आपके द्वार से गजानंद को मिला खुशियों का रास्ता तो अपना नाम पाकर खुश हुआ लिखमाराम

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राजस्थान सरकार प्रदेश के हर वर्ग के साथ खड़ी है। आम जन की समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है इसलिए विभिन्न प्रकार के शिविरों का आयोजन कर प्रदेशवासियों की समस्याओं का त्वरित गति से समाधान करने में जुटी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आमजन की समस्याओं को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयासरत रहती है यही कारण है कि आज लोगों की छोटी से बड़ी सभी प्रकार की समस्याओं का चुटकियों में समाधान हो जाता है। राजस्थान सरकार द्वारा न्याय आपके द्वार, दीन दयाल उपाध्याय शहरी जन कल्याण शिविर, ग्रामीण जन कल्याण शिविर, सरकार आपके द्वार जैसे अभियानों और शिविरों से आम जन को राहत पहुंचाने के कार्य त्वरित गति से चलाएं जा रहे है।

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न्याय आपके द्वार से गजानंद को मिला खुशियों का रास्ता

बरसों बरस से समस्याओं का समाधान नही होने से परेशान आमजन को राजस्व शिविरों में निस्तारण होने से राहत तो मिल ही रही है साथ ही मनमुटाव भुलाकर मन मिलने और न्यायालयों के चक्कर काटने से मिल रही निज़ात से लोग और ज्यादा प्रसन्न हैं । ऐसा ही एक वाकया देखने को मिला जब पंचायत समिति सागवाड़ा की ग्राम पंचायत मुख्यालय सामलिया पर न्याय आपके द्वार शिविर आयोजित किया गया। सुनवाई के दौरान वादीगण गजानंद पिता धनेश्वर वगैरा ने बताया कि मोजा सामलिया में उनकी पैतृक कृषि भूमि स्थित है जिसके पास प्रतिवादीगण की खाते की आराजीयात है लेकिन वादी की आराजीयात में कृषि उपयोग हेतु भूमि उपलब्ध होने के बावजूद आने जाने के लिए उचित रास्ता नही होने के कारण अनेकों कठिनाईयों का सामना करना पडता है और वह उपलब्ध संसाधन का समुचित उपयोग नही कर पा रहा है।  इस पर शिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी गोपालसिंह ने तत्काल ही वादी एवं प्रतिवादीगण को हल्का पटवारी एवं आईएलआर के साथ मौके पर भेजा तथा दोनों पक्षों की सहमती से मौके पर ही दोनों पक्षों ने संतुष्ट हो कर सहमती दी । वादी एवं प्रतिवादी द्वारा आपसी राजीनामें से वाद का निस्तारण हो जाने एवं रास्ता उपलबब्ध हो जाने से बरसो से आवाजाही में हो रही समस्या के समाधान से जहां वादीगण राहत महसूस कर रहे थे वही मनमुटाव से हुई मन की दूरियों के दूर होने से वादी एवं प्रतिवादी दोनों ही बहुत खुश थे। दोनों ही पक्षों ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे इन राजस्व शिविरों के प्रति आभार व्यक्त किया।

नाम हुआ दुरूस्त, मगनाराम से अब हुआ लिखमाराम

नागौर जिले की ग्राम पंचायत सरगोठ के अटल सेवा केन्द्र में आयोजित न्याय आपके द्वार 2017 शिविर में 44 वर्षों से लगातार खतौनी में चल रहे गलत नाम मगनाराम पुत्र देबाराम को दुरूस्त कर वास्तविक नाम लिखमाराम अंकित कर राहत प्रदान की गई। प्रार्थी के पिता का स्वर्गवास 44 वर्ष पूर्व हो गया था। जब विरासत में भवराराम, मगनाराम, लच्छाराम, हुक्माराम पिता देबाराम दर्ज हुआ। तब से लगातार मगनाराम पुत्र देबाराम राजस्व खतौनी में नाम चला आ रहा है। जांच करने पर पाया कि मगनाराम व लिखमाराम एक ही व्यक्ति है। तहसीलदार कुचामनसिटी ने पटवारी एवं भू-अभिलेख निरीक्षक से जांच करवाकर उपखण्ड अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र में स्पष्ट इंगित किया कि मगनाराम का वास्तविक नाम लिखमाराम है, जिसको शिविर प्रभारी ने रिकार्ड में मगनाराम के स्थान पर वास्तविक नाम लिखमाराम दुरूस्त करवाकर नकल दिलवायी। नकल मिलते ही लिखमाराम तथा उसके परिवार में हर्ष छा गया। उसने राज्य सरकार, शिविर प्रभारी एवं उपस्थित सभी अधिकारी, कर्मचारियों को इसके लिये धन्यवाद दिया।

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