सरकार की नाकामी से DGP की माफी तक, जानें सरदारशहर थाने में महिला से गैंगरेप मामले का पूरा सच

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    जयपुर। चूरू के सरदारशहर में पुलिसकर्मियों द्वारा महिला से थाने में गैंगरेप तथा देवर की मौत का मामला दिन-ब-दिन तूल पकड़ता जा रहा है। हालांकि मामले में कई नाटकीय घटनाक्रम के बाद पुलिसकर्मियों पर भले ही एफआईआर दर्ज कर ली गई हो, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। राजस्थान को शर्मसार कर देने वाली इस घटना में सीधा आरोप पुलिस पर होने के कारण राज्य सरकार व पुलिस महकमा मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। तो आइए, नजर डालते हैं राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही लीपापोती पर…

    सरकार की चुप्पी, विधायक का इनकार
    पीड़िता व उसके देवर को जेल में दी गई अमानवीय यातनाएं भले ही क्षेत्रीय मीडिया में लगातार सुर्खियां बटोर रही हो। लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार मामले पर चुप्पी साधे हुई है। मीडियाकर्मियों द्वारा सरकार से सवाल पूछने पर जांच का हवाला दिया जा रहा है। वहीं जब सरदारशहर विधायक भंवरलाल शर्मा से बात की गई तो उन्होंने हवालात में महिला से दुष्कर्म की घटना को नकारते हुए पुलिस हिरासत में देवर की मौत के लिए भी जनता को जिम्मेदार ठहरा दिया। शर्मा के मुताबिक मृतक युवक चोरी करता था, जिसे चोरी करते पकड़े जाने पर लोगों ने बूरी तरह पीटा जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़िता का दुष्कर्म नहीं करने तथा नाखून नहीं उखाड़ने की बात दोहराई।

    विधानसभा में गू्ंजा मुद्दा
    सरदारशहर में हुआ दिल दहला देने वाला मामला राजस्थान विधानसभा में भी जमकर गूंजा। घटना पर सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सदन में जवाब दिया। जिस पर भाजपा विधायकों ने असंतोष जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की तथा सदन से वॉक आउट किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी से भी विपक्ष की तीखी नोक-झोंक हुई तथा कई देर तक सदन की कार्रवाई बाधित रही।

    DGP ने मांगी माफी, कहा – हम जिम्मेदार
    7 जुलाई को हुए सामुहिक दुष्कर्म वाले घटनाक्रम को मीडिया खासकर प्रिंट मीडिया ने कई दिनों तक प्रमुखता से छापा। जिसके बाद सरकार व पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया। जयपुर के डीजीपी भूपेन्द्र यादव ने एक मीडिया संस्था से बात करते हुए कहा कि सरदारशहर में जो कुछ भी हुआ वह पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ बहुत बुरा हुआ है, जिसके लिए मैं सीधे तौर पर माफी मांगता हूं क्योंकि इस घटना के लिए कहीं ना कहीं व्यवस्था जिम्मेदार है।

    थानाधिकारी ने लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप
    मामला संज्ञान में आने के बाद निलंबित हुए सीआई रणवीर सिंह का कहना है कि पूरे मामले के पीछे धर्मपाल कटारिया नामक व्यक्ति का हाथ है। वह पहले सरकारी शिक्षक था जो अब आला दर्जे का ब्लैकमेलर बन चुका है तथा उस पर कई मामले भी दर्ज है। रणवीर सिंह की माने तो धर्मपाल ने ही पीड़िता को भारी मात्रा में रुपये दिलाने के नाम पर झूठा वीडियो बनवाया है। साथ ही दुष्कर्म का बहाना बनाकर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। सीआई का कहना है कि कटारिया उससे रंजिश रखता है। इसलिए वह मुझे फंसाकर पैसे ऐंठना चाहता है।

    उल्लेखनीय है कि चूरू में गत 6 जुलाई की रात को सरदारशहर पुलिस ने चोरी के आरोप में युवक नेमीचंद को गिरफ्तार किया था। थाने में मारपीट से घायल हुए आरोपी की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची मृतक की भाभी के साथ भी पुलिस ने मारपीट की और महिला कांस्टेबल की मौजदूगी में हवालात में ही 6-7 पुलिसकर्मियों ने दुष्कर्म किया। इस मामले में तत्कालीन थानाप्रभारी रणवीर सिंह समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है तथा 26 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर पूरा स्टाफ ही बदल दिया गया है।

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