राजस्थान में राहुल की ‘यात्रा’ के रास्ते में कई बाधा, कांग्रेस के सामने ये बड़ी चुनौतियां

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    जयपुर। राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ चल रही है। इस यात्रा से पहले राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर उथल-पुथल मची हुई है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन के 25 सितम्बर के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद सूबे के सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज है। वहीं यात्रा से पहले कांग्रेस को कई मोर्चों पर विरोध किया जा रहा है।

    भारत जोड़ो यात्रा पर कई संकट
    गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रमुख विजय सिंह बैंसला की मांगे पूरी नहीं होने पर चेतावनी, बेरोजगारों का आंदोलन, आपसी खींचतान, ओबीसी आरक्षण मुद्दा और पायलट और गहलोत खेमे के बीच बयानबाजी जैसे तमाम जिन यात्रा से पहले फिर एक बार बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। राहुल की यात्रा राजस्थान में हाड़ौती क्षेत्र से एंट्री लेने जा रही है ऐसे में इस क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारियों ने आलाकमान से मांग कर कहा है कि वह यात्रा से पहले राजस्थान में चल रहे अस्थिरता के माहौल, लीडरशिप और अनुशासनहीनता के मामले में कोई एक्शन ले। वहीं पायलट को सीएम बनाने की मांग भी फिर तेज हो गई है।

    राहुल गांधी के सामने बड़ी चुनौती
    पायलट खेमे की ओर से आलाकमान पर राजस्थान के सियासी संकट का पटाक्षेप निकालने के लिए दबाव की राजनीति राहुल गांधी के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। राहुल गांधी की यात्रा दिसंबर के पहले हफ्ते में राजस्थान में एंट्री लेने वाली है जिसको लेकर राजस्थान कांग्रेस की तैयारियां जोरों पर चल रही है। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में प्रवेश होने के बाद इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। राज्य सरकार ने यात्रा के लिए प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्व मंत्री रामलाल जाट, खान मंत्री प्रमोद जैन भाया और राजस्थान पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ की टीम को जिम्मेदारी दी है।