राजस्थान में सीजन का सबसे घना कोहरा, 18 जिलों में धुंध-कोहरा-शीतलहर

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    जयपुर। राजस्थान में सर्द मौसम से जनजीवन प्रभावित रहा। दिनभर कोहरे की चादर के चलते दिन में भी रात जैसा अंधेरा नजर आया। सोमवार सुबह से ही बर्फीली हवाओं के साथ कोहरे की चादर के चलते लोगों को सर्दी के साथ ही परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरे से विजिबिलिटी भी प्रभावित हुई है। विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर धीमी गति से निकलना पड़ा। प्रदेश में एक कम तीव्रता का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऐसी परिस्थितियां बनी हैं। शीतलहर के चलते कड़ाके की ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि 4-5 दिन बाद मौसम बदलने के आसार हैं, तब ठिठुरन से राहत मिल सकती है।

    ये जिलों में घना कोहरा और शीतलहर
    मौसम विभाग केंद्र के अनुसार 17 जनवरी को राजस्थान के कई जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया था। इसमें पूर्वी राजस्थान में अलवर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर, टोंक जिले में शीत लहर के साथ घना कोहरा रहा। इसी तरह, अजमेर, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली, कोटा, सवाईमाधोपुर जिलों में कहीं कहीं घना कोहरा बना रहा। बात पश्चिमी राजस्थान की करें तो बीकानेर, चुरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर जिले में कहीं कहीं शीतलहर और घना कोहरा रहा।

    पाला पड़ने से फसलों को नुकसान की आशंका
    मौसम में हो रहे बदलाव के साथ ही किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि सर्दी के चलते पाला पड़ने से सरसों, धनिया और चने की फसलों में नुकसान होने की संभावना है। किसानों ने बताया की पहले बेमौसम बारिश और अब पाला पड़ने से फसलों में रोग बढ़ रहा है। किसानों की फसलों में नुकसान भी बढ़ रहा है।

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