गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन से कांग्रेस को झटका, उपचुनाव अशोक गहलोत के लिए बड़ी चुनौती

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    जयपुर। कांग्रेस विधायक और सचिन पायलट कैंप के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल गजेंद्र सिंह शक्तावत का बुधवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शक्तावत उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र से 2 बार विधायक रहे हैं। शक्तावत का निधन कांग्रेस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। गजेंद्र सिंह शक्तावत का निधन लिवर खराब होने के कारण हुआ बताया जा रहा है। कुछ माह पहले पीलिया बिगड़ने के बाद से शक्तावत का इलाज चल रहा था। पिछली गहलोत सरकार में संसदीय सचिव रह चुके शक्तावत ने विधानसभा के तीन चुनाव लड़े थे। इनमें से दो में वे विजयी रहे और एक में उनको हार का सामना करना पड़ा था।

    3 के बजाय 4 सीटों पर होंगे उपचुनाव
    वल्लभनगर सीट से कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के निधन से अब तीन की जगह चार सीटों पर उपचुनाव होंगे। दरअसल, तीन सीटों भीलवाड़ा के सहाड़ा, चुरू के सुजानगढ़ और राजसमन्द में विधायकों के निधन के बाद उपचुनाव होना प्रस्तावित है। ऐसे में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा से ऐन पहले वल्लभनगर विधायक के निधन से अब चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना बढ़ गई है।

    गहलोत के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होंगे उपचुनाव
    चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव सीएम अशोक गहलोत के लिए सबसे बड़ी चुनौती होंगे। क्योंकि उपचुनाव में गहलोत ही चेहरा होंगे और पूरी तरह से सरकार के कामकाज ही मुद्दा होगा। चारों सीटों की हार-जीत गहलोत के खाते में जाएगी। चार सीटों पर होने वाले उपचुनावों के नतीजे कांग्रेस के अंदरूनी सत्ता समीकरण भी तय करेंगे। अगर चार सीटों पर कांग्रेस जीतती है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मजबूत होकर उभरेंगेए अगर कांग्रेस हारी तो सरकार के कामकाज और सीएम गहलोत पर सवाल उठेंगे।

     

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