#10 Years Challenge: जानिए पिछले 10 सालों में स्वाइन फ्लू का असर

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    Swine Flu Effect
    आजकल सोशल मीडिया पर #10 years challenge बड़ा जोरो-शोरों से चल रहा है। स्टार सेलिब्रिटीज के साथ अन्य लोग भी इस गेम में बड़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। हमने सोचा क्यूं न स्वाइन फ्लू को भी इस चेलेंज में शामिल किया जाए। हालांकि यह चेलेंज हमने नेक्स्ट 10 साल की जगह लास्ट 10 साल को लेकर लिया है। हमारे इस खास लेख में हम बताने जा रहे हैं कि पिछले 10 सालों में स्वाइल फ्लू का असर कितना तेज/धीरे हुआ है इन बीते सालों में इस संक्रामक बीमारी ने प्रदेश के कितने लोगों की जान लील ली। आइए डालते हैं एक नजर…
    शुरूआत करते हैं जनवरी, 2009 से जब स्वाइन फ्लू ने पहली बार राजस्थान में दस्तक दी थी। इस दौरान प्रदेशभर में 116 स्वाइन फ्लू केस सामने आए थे जिनमें से 12 लोगों की मौत हो गई थी। याद दिला दें कि 2008 से लेकर 2013 के बीच कांग्रेस की गहलोत सरकार यहां मौजूद थी।
    इसी तरह 2010 में स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव केसों की संख्या में 70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह संख्या 207 तक पहुंच गई। मरने वालों की संख्या में 250 फीसदी की वृद्धि हुई और इस साल 29 निर्दोष लोगों ने अपने प्राण दे दिए।
    2011-13 के बीच कुल 289 पॉजिटिव केस प्रदेशभर में सामने आए जिनमें 67 लोगों की मौत हुई थी।
    2014 में भाजपा की वसुन्धरा सरकार बनी और उन्होंने मजबूती के साथ स्वाइन फ्लू का सामना किया। पहले साल केवल एक पॉजिटिव केस सामने आया और एक भी मौत नहीं हुई।
    2015 में 173 पॉजिटिव केस आए जिनमें 43 और 2016 में 86 पॉजिटिव केसों में से 19 लोगों की मौत हुई। दोनों सालों में स्वाइन फ्लू से होने वाली मौतों में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई।
    बात करें 2017 की तो इस दौरान प्रदेशभर में केवल एक पॉजिटिव केस सामने आया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
    दिसम्बर, 2018 में सरकार बदल गई और गहलोत सरकार ने सत्ता संभाली। इस साल 705 पॉजिटिव केस सामने आए जिनमें 53 लोगों की मौत हो गई।
    अब आखिर में बात करें 2019 की तो बीते 21 दिनों में प्रदेशभर में स्वाइन फ्लू से होनी वाली मौतों का आंकड़ा 51 तक पहुंच चुका है जबकि 1335 पॉजिटिव केस सामने आए हैं। सोमवार को ही 102 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस सामने आए हैं जिनमें 47 राजधानी जयपुर के हैं। हालात यह है कि राज्य के 33 में से 31 जिले स्वाइन फ्लू की चपेट में हैं।
    सबसे ज्यादा मौते जोधपुर संभाग में हुई हैं। यहां 29 और जिले में 20 से ज्यादा लोगों की जान स्वाइन फ्लू के चलते चली गई। जयपुर में 5 मौते हुई हैं जो दूसरे नंबर पर है। सीकर, नागौर, उदयपुर में तीन-तीन, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, प्रतापगढ़ व कोटा में दो-दो, अजमेर, टोंक, पाली, जालोर, बीकानेर, चूरू एवं राजसमंद में एक-एक मौत हुई है। चौंकाने वाले आंकड़ें हैं कि देश में कुल 80 लोगों की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है जिसमें से 51 अकेले राजस्थान से हैं।

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